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छत्तीसगढ़

दुर्ग रेंज आईजी ने की 259 प्रकरणों की समीक्षा, दोषमुक्ति मामलों पर कड़ी निगरानी के निर्देश

दुर्ग | पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) द्वारा दिनांक 02.09.2025 को कार्यालय के सभागार कक्ष में रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, बैठक के दौरान कुल 259 प्रकरणों की समीक्षा की गई, जो तीन घंटे से अधिक समय तक चली।

बैठक में दुर्ग रेंज के उपसंचालक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में दोषमुक्ति के कारणों की समीक्षा की गई और जिन कारणों से प्रकरणों में दोषमुक्ति हुए है उसमें विवेचना के सुधार हेतु पुलिस अधिकारियों को आदेशित किया गया साथ ही विवेचना एवं अभियोजन में लापरवाही करने वाले पुलिस/अभियोजन अधिकारीयों की ज़िम्मेदारी तय करने निर्देशित किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी गंभीर प्रकरणों में जिनमें अग्रिम ज़मानत आवेदन लगाए जाते हैं, उनमें पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही का ब्योरा अलग से संधारित किया जाए तथा जहाँ गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, उसके ठोस कारणों का उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि माननीय न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत निरस्त कर दी जाती है, तो अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही होगी।

 

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि झूठी शिकायत करने वाले एवं निर्दोष व्यक्तियों को झूठा फँसाने वाले आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन अधिकारियों द्वारा माननीय न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए, ताकि ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और न्यायिक प्रक्रिया को सशक्त बनाया जा सके।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक अभियोजन दुर्ग एस.एस. ध्रुव, उप निदेशक अभियोजन दुर्ग  अनुरेखा सिंह, सहायक जिला अभियोजन बालोद प्रमोद घृतलहरे, उप निदेशक अभियोजन बेमेतरा आशीष कुमार सिन्हा, सहायक जिला अभियोजन बेमेतरा विनय अग्रवाल,  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग  पद्मश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बेमेतरा  ज्योति सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद  मोनिका ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक  शिल्पा साहू, उप निरीक्षक राजकुमार प्रधान एवं पुलिस पी.आर.ओ. प्रशांत कुमार शुक्ला उपस्थित रहे।

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